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Rajasthan: राज्यसभा में सांसद डांगी ने उठाया सोशल मीडिया का मुद्दा, इस्तेमाल के लिए कही कानून बनाने की बात

Thu, 05 Dec 2024 07:13 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने गुरुवार को सदन में कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल एवं उसके लगातार सामने आ रहे दुष्परिणामों पर चिंता जताते हुए इसके लिए कानून बनाने की मांग की है। इस दौरान उनका कहना था कि स्मार्ट फोन एवं सोशल मीडिया की बढ़ती लत से कई प्रकार की गंभीर समस्या हो रही है।

राज्यसभा में गुरुवार को सांसद नीरज डांगी ने कहा कि बीते सालों में 16 साल से कम उम्र के बच्चों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की लत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। इससे कई प्रकार की गंभीर समस्या एवं इसके दुष्प्रभाव भी हमारे सामने आ रहे है। इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की। डांगी का कहना था कि कानून बनाकर बच्चों को न केवल कई प्रकार की गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है बल्कि, उनका भविष्य भी सुरक्षित किया जा सकता है। डांगी ने कहा कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की बढ़ती लत आज अभिभावकों के लिए ही नहीं बल्कि, समाज के लिए भी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह न केवल उनकी शैक्षणिक प्रगति को बाधित कर रही है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

आस्ट्रेलिया सरकार की पहल का दिया उदाहरण
राज्यसभा में सांसद नीरज डांगी का कहना था कि अभी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया है कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया हैं। विधेयक के अनुसार सोशल मीडिया और टेक कंपनियों को यह जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी कि उपलब्ध सामग्री यूजर्स की उम्र की सीमा के हिसाब से हो। यह बच्चों के अभिभावकों की जिम्मेदारी नहीं होगी। ऐसे में अगर 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो जुर्माना माता-पिता या युवाओं पर न होकर, यह सोशल मीडिया और टेक कंपनियों पर होना चाहिए। यह एक अनुकरणीय कदम है और विश्वस्तर पर इस फैसले का व्यापक स्वागत हो रहा है। डांगी ने कहा कि भारत जैसे देश में जहां सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, यह आवश्यक है कि सरकार बच्चों की सुरक्षा के लिये ठोस कदम उठाएं जाने चाहिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म और टेक कंपनियों को जिम्मेदार ठहराना एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। इसके तहत उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे उपयोगकर्ता की आयु का सत्यापन करें और अपने प्लेटफार्म पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि इस दिशा में ऑस्ट्रेलिया की तरह पहल करते हुए केन्द्र सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध का कानून बना कर बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें।

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