सीकर जिले के दांतारामगढ़ के राजनपुरा गांव में टैंक की खुदाई के दौरान मिट्टी ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में दबे शवों को जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर दांतारामगढ़ सीएचसी में रखवाया गया है। डिप्टी एसपी जाकिर अख्तर ने बताया कि मृतक रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं।
हादसे में राजनपुरा गांव के रहने वाले किशनसिंह (40) भतीजे राहुल (16) और विक्की उर्फ विकास (15) की मिट्टी में दबने से मौत हो गई है। दरअसल गांव में ईश्वर बुरडक के खेत में बने मकान में हौद बनाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था, जो कि किशन सिंह और उसका बड़ा भाई रामसिंह कर रहे थे। इसी दौरान मिट्टी का कटाव होने से किशन अंदर दब गया, जिससे रामसिंह के बेटे राहुल और विक्की दोनों मदद के लिए दौड़े और मिट्टी को हटाने में पिता की मदद करने लगे। इसी दौरान दोनों भाइयों की तरफ से मिट्टी का कटाव हो गया और दोनों गड्ढे में फंस गए।
तीनों के मिट्टी में दबने की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीण पहुंचे। इसके बाद करीब 45 मिनट तक जेसीबी की सहायता से तीनों को बाहर निकलने का प्रयास किया गया और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार किशन सिंह और उसका भाई रामसिंह दोनों ही इलाके में हौद बनाने काम करते हैं। किशन सिंह के एक बेटा है, जबकि रामसिंह के दो बेटे थे और दोनों की ही इस हादसे में मौत हो गई।