जिले के नानी गांव में होली के अवसर पर उस समय मातम पसर गया, जब गांव के ही एक बुजुर्ग का शव सीवरेज के गंदे पानी में तैरता हुआ मिला। घटना के बाद मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला और पुलिस के हवाले किया। मृतक की पहचान पवन पारीक (60) निवासी नानी गांव के रूप में हुई, जो बीती 6 मार्च 2025 से लापता थे।
जानकारी के अनुसार पवन पारीक 6 मार्च को नानी गांव के अपने घर से अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद उनके परिवार ने सीकर सदर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की थी, लेकिन उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
13 मार्च को नानी बीड़ के पास स्थित सीवरेज के गंदे पानी में पवन पारीक का शव पानी में तैरते हुए पाया गया। सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि पवन नानी बीड़ के पास पानी में गिरने के बाद डूब गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
घटना के बाद मौके पर एकत्र लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सीकर शहर के सीवरेज का सारा गंदा पानी नई भीड़ में आ रहा है जिसकी वजह से यहां गहरा दलदल भी हो गया है, जिससे अक्सर यहां हादसे होते रहते हैं, वहीं इस समस्या को लेकर वे कई बार पुलिस और प्रशासन के सामने गुहार लगा चुके हैं लेकिन इस समस्या का कोई स्थाई समाधान अब तक नहीं हुआ है।
शहर के सीवरेज के गंदे पानी से नानी बीड़ और आसपास के इलाकों के हालात खराब हो जाने के बाद अब यह मुद्दा संसद में भी गूंजा है। दो दिन पहले ही नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने नानी गांव के ग्रामीणों की इस समस्या को लेकर संसद में भी बात उठाई और ग्रामीणों की इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग की थी।