जिले में गंगापुर सिटी के बीच स्थित बद्रीनाथजी मंदिर को लेकर अग्रवाल–खंडेलवाल धर्मशाला ट्रस्ट और मंदिर के पुजारी रामेश्वर शर्मा के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद बुधवार को फिर गहरा गया। विवाद के चलते शहर का मुख्य बाजार बंद रहा और बड़ी संख्या में समाज के लोग सड़कों पर उतर आए।
बताया जा रहा है कि यह विवाद वर्षों से जारी है। ट्रस्ट का दावा है कि बद्रीनाथजी मंदिर अग्रवाल–खंडेलवाल समाज का है, जबकि पुजारी रामेश्वर शर्मा का कहना है कि यह सर्वसमाज का मंदिर है और ट्रस्ट को इसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। रामेश्वर शर्मा का परिवार पीढ़ियों से मंदिर में पूजा-अर्चना और देखरेख करता आ रहा है। पहले वे वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे, लेकिन जब ट्रस्ट ने कर्मचारियों को बदलने का निर्णय लिया तो पुजारी ने मंदिर खाली करने से इंकार कर दिया।
करीब एक वर्ष पहले ट्रस्ट ने प्रशासन से अनुमति लेकर मंदिर में निर्माण व मरम्मत कार्य शुरू कराया। मंदिर और उससे जुड़ी धर्मशालाओं व दुकानों की करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के कारण विवाद और गहराता चला गया। हाल ही में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने पुजारी पर गाली-गलौज और मारपीट के आरोप भी लगाए थे। समाज का आरोप है कि इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
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बुधवार को जब समाज के लोग मंदिर पहुंचे तो पुलिस बल पहले से ही तैनात था। आरोप है कि पुलिस ने किसी को भी मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इससे आक्रोशित होकर हजारों की संख्या में महिला-पुरुष मंदिर के बाहर धरने पर बैठ गए। इसी कारण गंगापुर सिटी का मुख्य बाजार पूरी तरह से बंद रहा।
स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन हरकत में आया। एडीएम रामकिशोर मीणा, उपखंड अधिकारी बृजेंद्र मीणा, एएसपी राकेश राजोरा, डीएसपी सीताराम सहित कई थानों के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात नियंत्रित करने का प्रयास किया।
धरने में नगर परिषद सभापति शिवरतन अग्रवाल, पूर्व उपसभापति दीपक सिंघल सहित समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने मांग की कि विवाद में निष्पक्ष कार्रवाई हो और न्यायालय के आदेशों की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित की जाए। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन पूरी सतर्कता बरतते हुए हालात पर नजर रखे हुए है।