जिस बारिश का किसान महीनों से इंतज़ार करता है, वही बारिश बीकानेर की कृषि उपज मंडी में कहर बनकर टूटी। खेतों में हरियाली और उम्मीदों की फसल लाने वाली बूंदें जब मंडी पहुंचीं, तो उन्होंने किसानों के सपनों को बिखेर दिया।मंडी परिसर में खुले आसमान के नीचे रखा इसबगोल, जीरा और सरसों अचानक आई बारिश में भीगता रहा। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करते नजर आए। कोई तिरपाल ढंक रहा था, तो कोई जल्दबाजी में भीगे हुए दानों को समेटने की कोशिश कर रहा था। लेकिन तेज बारिश और अव्यवस्था के बीच उनकी मेहनत पानी में बहती चली गई।