राजस्थान के कोटा जिले में रेलवे में कार्यरत लोको पायलट ने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। उसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और सुसर को ठहराया है। लोको पायलट का पत्नी से दो साल से घरेलू विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से पत्नी अपने पीहर में ही रह रही थी। दूसरी तरफ लोको पायलट के साथी रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे प्रशासन पर उसे प्रताड़ित और परेशान करने का भी आरोप लगाया है। इसके विरोध में आज रेलवे कर्मचारियों ने डीआरएम कार्यालय का घेराव कर धरना दे दिया।
बोरखेड़ा थाने के एएसआई सुरेश गोचर ने बताया कि 35 वर्षीय लोकेश मालव बड़ोद गांव का रहने वाला था, जोकि पिछले आठ साल से रेलवे में नौकेरी कर रहा था। मृतक अपने एक दोस्त के साथ वर्तमान में उज्ज्वल विहार में रह रहा था। उसका दोस्त ड्यूटी पर चला गया तो पीछे से लोकेश ने फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना का पता तब लगा जब मृतक का बड़ा भाई उसके कमरे में पहुंचा तो वो फंदे से लटका मिला। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि उसकी पत्नी दो साल से पीहर से नहीं आ रही है। उनके चार साल का बेटा है। बेटे से मिलने जाता था तो पत्नी और ससुर मिलने नहीं देते थे। परेशान होकर सुसाइड कर रहा है। वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही मामले में जांच की जा रही है।
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वहीं शुक्रवार को लोको पायलट के साथी कर्मचारी एंबुलेंस में डेडबॉडी लेकर डीआरएम ऑफिस के बाहर पहुंचे और करीब एक घंटे तक प्रदर्शन दिया। इस बीच कुछ साथी कर्मचारी और परिजन नारेबाजी करते हुए डीआरएम ऑफिस के अंदर पहुंचे। साथियों ने रेलवे प्रशासन पर प्रताड़ित और परेशान करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ और भीमगंज मंडी थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रही। सहायक लोको पायलट धर्मराज ने बताया कि कुछ दिन पहले लोकेश की तबीयत खराब हुई थी। खांसी होने पर उसने दवाई ली थी। सीनियर अधिकारियों को लगा शराब पीकर आया है। उन्होंने आरपीएफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर जेल भेजने की बात कही। इस डर से उसने सुसाइड कर लिया।