एक ऐसा नाम... जिससे राजस्थान की अपराध दुनिया पहले से वाकिफ है।
लेकिन इस बार कहानी किसी गैंगवार की नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के कथित खेल की है।
एक चर्चित चेहरा... करोड़ों की रकम... और पर्दे के पीछे छिपे कई सवाल।
आखिर क्या है ये पूरा मामला? कैसे हुआ इस कथित ठगी का खुलासा?
चलिए जानते हैं पूरी कहानी...
राजस्थान की अपराध दुनिया से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर जोधपुर की चर्चित ‘लेडी डॉन’ सुमता विश्नोई को सुर्खियों में ला दिया है। आरोप है कि सुमता विश्नोई ने मध्य प्रदेश के एक हेड कांस्टेबल के साथ मिलकर निम्बाहेड़ा के एक मिठाई कारोबारी से करीब 2 करोड़ 45 लाख रुपये की कथित ठगी की। मामला सामने आने के बाद जोधपुर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के निर्देश पर केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शिकायत के मुताबिक, निम्बाहेड़ा के कारोबारी पर्वत सिंह राजपुरोहित की पहचान मध्य प्रदेश के मनासा थाने में तैनात हेड कांस्टेबल मानवेंद्र सिंह चौहान से हुई थी। आरोप है कि मार्च 2025 में मानवेंद्र सिंह ने ही पर्वत सिंह की मुलाकात सुमता विश्नोई से करवाई। पीड़ित का कहना है कि सुमता ने खुद को बड़े नेताओं और अधिकारियों से संपर्क रखने वाला प्रभावशाली व्यक्ति बताया। उसने दावा किया कि वह सरकारी काम आसानी से करवा सकती है।
आरोप ये भी है कि भरोसा जीतने के लिए वह मोबाइल में बड़े अधिकारियों और नेताओं के नाम से नंबर दिखाती थी और फोन पर बातचीत कर अपना प्रभाव दिखाती थी। इसी भरोसे में कारोबारी ने कथित तौर पर पहले सांवरियाजी मंदिर ट्रस्ट में प्रसाद का ठेका दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद एक युवक की अग्रिम जमानत करवाने का भरोसा देकर करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये और लेने का आरोप लगाया गया। लेकिन जब जमानत नहीं हुई और संबंधित युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, तब कारोबारी को शक हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है।
इसके बाद जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोप है कि उसे टाल दिया गया और धमकियां भी दी गईं। आखिरकार परेशान होकर पर्वत सिंह ने जोधपुर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की।
अब बात करते हैं सुमता विश्नोई के पुराने रिकॉर्ड की...
सुमता विश्नोई का नाम राजस्थान की अपराध दुनिया में नया नहीं है। उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। बताया जाता है कि एक समय वह GPS ट्रैकर की मदद से ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी थी। पुलिस ने इस हाईटेक तरीके का खुलासा करते हुए कार्रवाई की थी। आपराधिक गतिविधियों के चलते जोधपुर के बोरानाडा थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है। अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल इस नए मामले में पुलिस सुमता विश्नोई, उसके बेटे मनीष, विनोद, हेड कांस्टेबल मानवेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी पता लगाया जाएगा कि इस कथित ठगी में और कौन लोग शामिल हैं और करोड़ों रुपये की रकम कहां गई। क्योंकि इस बार मामला सिर्फ एक ठगी का नहीं... बल्कि अपराध, प्रभाव और कथित नेटवर्क के उस खेल का है, जिस पर अब पुलिस की नजर है।