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Balotra News: फिर लौटा पैंथर, रोडवा कला में तीन ग्रामीणों पर किया हमला, गांव में दहशत का माहौल

Tue, 13 May 2025 11:07 AM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा

जिले के पचपदरा क्षेत्र में स्थित रिफाइनरी परिसर में करीब डेढ़ माह पहले नजर आया पैंथर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार यह रोडवा कला गांव में देखा गया, जहां उसकी मौजूदगी से हड़कंप मच गया। सोमवार शाम को पैंथर ने गांव में घुसकर तीन ग्रामीणों को घायल कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

सोमवार शाम करीब 6 बजे पैंथर ग्राम पंचायत रोडवा कला में कलाराम भील के कच्चे मकान में घुस आया। जैसे ही ग्रामीणों ने उसे देखा शोर मचाना शुरू कर दिया। शोरगुल से घबराकर पैंथर वहां से निकलकर बकरियों के बाड़े की ओर भागा और इसी दौरान तीन ग्रामीण उसकी चपेट में आ गए। घायलों में शंकरराम और कुमाराम पुत्र राणाराम को गहरे घाव आए हैं, जबकि राणाराम को मामूली खरोंचें आईं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मंडली के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। 

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इस पैंथर को पहली बार 25 मार्च को पचपदरा रिफाइनरी में देखा गया था। उस समय भी दो लोग घायल हुए थे। पैंथर कई दिनों तक रिफाइनरी के विभिन्न हिस्सों में छिपा रहा, जहां वन विभाग की टीमों ने पिंजरे और ट्रैंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया और अब डेढ़ महीने बाद रोडवा कला में फिर दिखाई दिया। बीच में रेवाड़ा गांव से पैंथर के पगमार्क की खबर आई थी लेकिन जांच में वे भेड़िए के निकले। अब माना जा रहा है कि पैंथर नायगा की पहाड़ियों के रास्ते रोडवा कला पहुंचा है।

घटना की सूचना मिलते ही मंडली पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण पैंथर को नियंत्रित नहीं किया जा सका। जब स्थानीय वनकर्मी असहाय दिखे तो जोधपुर से विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जो रात 11 बजे के बाद मौके के लिए रवाना हुई।

ग्रामीणों के अनुसार पैंथर एक बिना दरवाजे के कमरे में छिपा बैठा रहा। डर के चलते कोई भी उस ओर नहीं गया। वन विभाग ने क्षेत्र की घेराबंदी की लेकिन पैंथर की मूवमेंट पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि पैंथर को जल्द से जल्द पकड़कर किसी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाए।

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