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Jaipur News: 'SIR का विरोध वे दल कर रहे, जिन्होंने राजनीतिक स्वार्थ से गलत नाम जुड़वाए हैं', बोले मदन राठौड़

Tue, 28 Oct 2025 07:47 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

राजस्थान में वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी घमासान बढ़ गया है। कांग्रेस सहित विपक्षी दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे पंचायत और निकाय चुनाव टालने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि सही मतदाता सूची तैयार करने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है और चुनाव आयोग के इस निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि SIR का विरोध वे दल कर रहे हैं जिन्होंने राजनीतिक स्वार्थ से गलत नाम जुड़वाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने भारत को धर्मशाला समझकर यहां केवल लाभ लेने का काम किया है। ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं तो राजनीतिक दलों को दुख क्यों हो रहा है। राठौड़ के अनुसार इस देश में वही शासन करने का अधिकार रखता है जो देश के प्रति आत्मीय भाव रखता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तंज पर राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि नेता में राष्ट्रीय चरित्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गहलोत को देशहित में सोचना चाहिए, न कि पार्टी हित में। राठौड़ ने आगे आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी जैसे लोगों के नाम भी वोट बैंक की राजनीति के लिए जुड़वाए गए हैं, इसलिए SIR से ऐसे नाम हटना आवश्यक है।

उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा SIR कराना निकाय व पंचायत चुनावों को टालने का बहाना है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी का प्रयास बताया।

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चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान में SIR 28 अक्तूबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।

• 28 अक्तूबर से 3 नवंबर: प्रशिक्षण व सर्वेक्षण प्रपत्र मुद्रण
• 4 नवंबर से 4 दिसंबर: घर-घर सर्वेक्षण व प्रपत्रों का संग्रह
• 9 दिसंबर: ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन
• 9 दिसंबर से 8 जनवरी: दावे-आपत्तियां
• 9 दिसंबर से 31 जनवरी: नोटिस, सुनवाई व सत्यापन
• 7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन

राजस्थान में SIR राजनीतिक तकरार का केंद्र बन गया है और आने वाले समय में इस पर बहस और तेज होने की आशंका है।

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