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Jaipur News: मजदूर दिवस पर अशोक गहलोत का सरकार पर निशाना, न्यूनतम मजदूरी और सिलिकोसिस पर जताई चिंता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Updated Fri, 01 May 2026 10:07 PM IST

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने श्रमिकों की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज भी देश में बड़ी संख्या में मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने “दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ” के ऐतिहासिक नारे का जिक्र करते हुए कहा कि हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

गहलोत ने नोएडा में हाल ही में हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मजदूर सड़कों पर उतरते हैं तो यह सरकारों के लिए चेतावनी होती है। उन्होंने उद्योगपतियों और मालिकों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि मजदूरों का ख्याल रखना केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है।

राजस्थान की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश मजदूरी के मामले में देश में सबसे नीचे है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मजदूरी बढ़ाने की मांग की है, ताकि श्रमिकों में संतोष और सामाजिक सद्भाव बना रहे।

गहलोत ने अपनी सरकार के दौरान पारित गिग वर्कर्स कानून का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार ने इस कानून को लागू करने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

सिलिकोसिस बीमारी पर बोलते हुए गहलोत ने इसे बेहद गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी के कारण मजदूर इस जानलेवा बीमारी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने मालिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और मजदूरों को उनका उपयोग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि कई बार मजदूर खुद भी लापरवाही करते हैं, जिसका परिणाम घातक होता है। सिलिकोसिस से पीड़ित मरीजों की स्थिति का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यह बीमारी बेहद कष्टदायक होती है और अंततः जान ले लेती है।

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गहलोत ने बताया कि उनकी सरकार ने सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता के रूप में ₹5 लाख का पैकेज दिया था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह राशि जीवन के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने राजस्थान के विभिन्न गांवों में बड़ी संख्या में विधवाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए इसे सामाजिक त्रासदी बताया।

उन्होंने मांग की कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले और प्रभावी कदम उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां-जहां सिलिकोसिस के मामले सामने आएंगे, वहां वे खुद जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और सरकार पर दबाव बनाएंगे।

जातिगत जनगणना और एग्जिट पोल पर पूछे गए सवालों के जवाब में गहलोत ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और एग्जिट पोल पर भरोसा करना उचित नहीं है, क्योंकि वे कई बार गलत साबित होते हैं।

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