जलवायु परिवर्तन की वजह से इस साल दुनियाभर के करीब पांच अरब लोगों ने जून के नौ दिन भीषण गर्मी का सामना किया। इसमें भारत में सबसे अधिक 61.9 करोड़ लोग प्रभावित हुए। अमेरिका स्थित वैज्ञानिकों के एक स्वतंत्र समूह क्लाइमेट सेंट्रल के नए विश्लेषण में यह खुलासा हुआ है।