दौसा में 45 दिन पहले दफनाए गए शव को पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में निकलवाया गया। दरअसल मृतक रफीक अहमद को 15 अगस्त 2024 के दिन कब्र में दफनाया गया था। जिनकी उम्र 85 साल थी, साथ ही रफीक एक पेंशनर्स भी थे। उधर, रफीक खान को कब्र में दफनाने के बाद उसकी दो बेटियों ने अपने ही भाइयों पर आरोप लगाया था कि रफीक खान को उनके बेटों ने जहर देकर मार डाला, जिसके चलते पोस्टमार्टम तक नहीं होने दिया और उसके शव को कब्र में दफना दिया।
कोतवाली थानाधिकारी हीरालाल सैनी का कहना है कि मृतक रफीक अहमद की दो बेटी रूखसाना और शाहाजाना ने दौसा पुलिस को एक एफआईआर देकर आरोप लगाया कि उसके ही भाई भाभी सहित अन्य लोगों ने पिता को जहर देकर मारने के साथ बिना पोस्टमार्टम के शव दफना दिया था।
अब इस मामले की जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जिसको लेकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट से परमिशन लेकर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से लाश को निकलवाकर मौके पर मेडिकल पोस्टमार्टम की कार्रवाई शनिवार को गई और वापस शव को दफनाया गया है। इस मामले दूसरे पक्ष का कहना है कि बीमार होने चलते रफीक की मौत हो गई थी, जबकि पहले पक्ष ने जहर देकर मारने का आरोप लगाया है, लेकिन ये सब पुलिस और पोस्टमार्टम की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।