फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: दौसा की बेटी पायल गुर्जर ने बढ़ाया देश मान, अफ्रीका महाद्वीप किलिमंजारो चोटी पर लहराया तिरंगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Updated Thu, 28 Nov 2024 10:06 PM IST

दौसा जिले के दिवांकर गांव में जन्मी पायल गुर्जर ने अभावों के बीच संघर्ष कर माउंट किलीमंजारो (19,341 फीट) फतह कर अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहराया। गुर्जर समुदाय की पहली पर्वतारोही पायल का अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा लहराना है। पायल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया, जिनकी प्रेरणा से उन्होंने अपने गांव, राज्य और देश का नाम रोशन करने की ठानी। साहसी और दृढ़ निश्चयी पायल गुर्जर अपनी सफलता से आमजन में यह संदेश देती हैं कि बेटियां किसी से कम नहीं।

पायल गुर्जर बताती है कि वो इससे पहले लगभग 17000 हजार फीट मचोई पीक, जोजिला दर्रा (द्रास) व लगभग 18000 हजार फीट नुन कुन पीक बेस कैंप, ग्लेशियर (लद्दाख) व कश्मीर ग्रेट लेक एक्सपीडिशन और हिन्दुस्तान की कई और भी पर्वत मालाओं के उच्च शिखरों पर तिरंगा लहराकर कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं। दौसा और राजस्थान गुर्जर समुदाय की पहली पर्वतारोही बन गई हैं।

पायल गुर्जर ने विपरीत परिस्थितियों जैसे कि भारी बारिश, भारी बर्फबारी, ठंडी व तूफानी हवाओं, कठिन व खड़ी चढ़ाई, फिसलने वाले रास्ते, कीचड़, ऑक्सीजन की की कमी और लगातार चार दिन के अथक प्रयास और चढ़ाई चढ़ने से भारी शारिरिक थकान के बावजूद लगभग 19 हजार 341फीट माउंट किलीमंजारो, तंजानिया (अफ्रीका महाद्वीप) की सबसे ऊंची चोटी पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) लहराकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर अफ्रीका में भारत का नाम रोशन किया है।

पायल गुर्जर ने बताया कि यह प्रेरणा अपनी मां सत्येश गुर्जर व पिता नेतराम गुर्जर से मिली है। नेतराम गुर्जर भारतीय प्रादेशिक सेना की 123वीं बटालियन (ग्रनेडियर्स) में सूबेदार के पद पर सोनामार्ग, जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। अच्छे सिग्नलर्स, वैपन इंस्ट्रक्टर, लीडरशिप और युद्ध ज्ञान नीति में माहिर हैं और भारतीय प्रादेशिक सेना में उनका नाम शान से लिया जाता है। पिता के अच्छे कार्यों से प्रभावित होकर ही पायल गुर्जर ने कुछ अच्छा करने की मन में ठान ली थी। पायल गुर्जर ने बताया कि मेरा लक्ष्य पर्वतारोही बनकर मेरे गांव, तहसील, जिला, राज्य व देश का नाम विश्व में रोशन करना है और आमजन में बेटियां किसी से कम नहीं हैं।

दौसा की बेटी पायल गुर्जर की प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय दिवांकर, कक्षा 4-9 आर्मी पब्लिक स्कूल जयपुर में हुई। कक्षा 10 महर्षि दयानंद सरस्वती वैदिक विद्या आश्रम, बनाड़ रोड, जयपुर से किया। कक्षा 11-12 मदरलैंड पब्लिक स्कूल जयपुर से किया। वर्तमान में काॅलेज शिक्षा बीए बीएड पाठ्यक्रम के तहत द्वितीय वर्ष में डीसीएस काॅलेज सांगानेर, जयपुर में पढ़ाई कर रही हैं। पायल गुर्जर बचपन से ही चंचल मिजाज, साहसिक प्रवृत्ति और अपने लक्ष्य के प्रति तैयार रही हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें