दौसा नगर परिषद सभापति ममता चौधरी को स्वास्थ्य शासन विभाग राजस्थान ने सभापति के पद से निलंबित कर दिया। स्वास्थ्य शासन विभाग जयपुर ने अधिकृत पत्र जारी कर बताया है कि ममता चौधरी दौसा नगर परिषद सभापति के खिलाफ पिछले कई दिन से भ्रष्टाचार कार्यों में अनियमितता और पद के दुरुपयोग की शिकायत मिल रही थी। इसके लिए ममता चौधरी से डीएलबी में एक पत्र लिखकर उक्त मामले में संतोषजनक जवाब देने की मांग की थी।
इधर, स्वायत शासन विभाग के पत्र का दौसा नगर परिषद सभापति ममता चौधरी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। इसके चलते सोमवार को ममता चौधरी पर डीएलबी की ये गाज गिरी है। स्वास्थ्य शासन विभाग जयपुर में ममता चौधरी के खिलाफ की गई पद से बर्खास्त की कार्रवाई पर बताया कि नगर परिषद, दौसा का कृत्य राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) (घ) (i) (ii) (iii) (vi) के तहत पाये जाने एवं उनके सभापति के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना के मद्देनजर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ममता चौधरी, सभापति, नगर परिषद,दौसा को सभापति एवं सदस्य नगर परिषद, दौसा के पद से तुरन्त प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बता दें कि दौसा नगर परिषद की ममता चौधरी ऐसी पहली सभापति हैं, जिसके खिलाफ कई बार पार्षदों में भ्रष्टाचार मनमानी तथा धांधली करने तक के आरोप लगाए थे, क्योंकि उस समय इन आरोपों पर ध्यान नहीं दिया और जैसे ही सरकार बदली तो शायद शासन विभाग तुरंत हरकत में आया। आज सभापति को उसके पद से निलंबित कर दिया गया। ध्यान रहे हाल ही में कुछ दिन पूर्व नगर परिषद दौसा पर बिजली विभाग का करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया होने के चलते कनेक्शन भी विच्छेद कर दिया गया था, जिसमें जिला कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा था।