दौसा पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 500 प्रतिशत लाभ कमाने का झांसा देकर 41.85 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी विनोद कुमार विश्वकर्मा, जो पहले से 2.30 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में फरीदाबाद जेल में बंद था, अब पुलिस की विशेष टीम द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।
दौसा पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा ने बताया कि साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए साइबर क्राइम थाना प्रभारी बृजेश कुमार मीना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आरोपी विनोद कुमार पुत्र कृष्ण स्वरूप विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर ठगी के इस मामले का पर्दाफाश किया। परिवादी बुद्धाराम प्रजापत ने 8 जुलाई 2024 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि उसे सोशल मीडिया के जरिए एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जिसमें ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश करके 500 प्रतिशत तक लाभ कमाने का झांसा दिया गया था।
आरोपी ने बुद्धाराम को एक लिंक भेजकर "मनी सुख" नामक एप डाउनलोड कराया और इसके जरिए 41.85 लाख रुपये निवेश करवाए और ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। जांच के दौरान आरोपी के बैंक खाते में ठगी की राशि का लगभग 8 करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया।
जांच में पता चला कि आरोपी विनोद कुमार पहले से ही 2.30 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में फरीदाबाद जेल में बंद था और उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ठगी गई राशि में से 8 लाख रुपये फ्रीज कर परिवादी को रिफंड करवा दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी विनोद कुमार कानपुर, उत्तरप्रदेश का रहने वाला है और एनजीओ के नाम से बैंक खाता खोलकर साथी आरोपियों की मदद से कमीशन के आधार पर ठगी की राशि प्राप्त करता था। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।