दौसा नगर परिषद वार्ड नंबर 17 का उपचुनाव कांग्रेस पार्षद दीपक प्रजापत ने जीतते ही भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने उनके वार्ड में सरकारी कर्मचारियों को धमकियां तक दी थीं कि उनका तबादला जैसलमेर बाड़मेर कर देंगे। यदि भाजपा प्रत्याशी चुनाव हारता है तो।
बता दें कि दौसा नगर परिषद के वार्ड नंबर 17 के उपचुनाव अगस्त 2024 में घोषित हुए, लेकिन किन्हीं काम के चलते नगर परिषद के उपचुनाव को निरस्त करना पड़ा। उसके बाद एक बार फिर नगर परिषद वार्ड नंबर 17 के उपचुनाव 9 जनवरी को संपन्न हुए। इस चुनाव के दौरान भाजपा ने भूपेंद्र सैनी को चुनावी मैदान में उतरा तो कांग्रेस ने वार्ड नंबर 17 के पूर्व पार्षद मोहन प्रजापत के बेटे दीपक प्रजापत को टिकट देकर वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ाया। कांग्रेस के दीपक प्रजापत इस नगर परिषद उपचुनाव को जीतने में कामयाब रहे। अब उन्होंने चुनाव जीतने के बाद एक बड़ा इल्जाम भाजपा पर लगा दिया है।
वार्ड नंबर 17 के नवनिर्वाचित पार्षद दीपक प्रजापत का कहना है कि उनके वार्ड में 60 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी हैं, जिनको भाजपा के नेताओं ने फोन करके धमकाया था कि यदि वार्ड नंबर 17 का चुनाव भाजपा उम्मीदवार हार जाएगा तो तुम्हें जैसलमेर और बाड़मेर नौकरी करनी पड़ेगी, लेकिन इन धमकियों का असर न तो वार्ड वासियों पर हुआ और न ही सरकारी कर्मचारियों पर। इसका परिणाम ये रहा की दीपक प्रजापत 160 से ऊपर मतों से वार्ड नंबर 17 नगर परिषद उप चुनाव जीत गए और उन्होंने भूपेंद्र सैनी को हराकर एक बार फिर यह साबित कर दिया की दौसा सीट पर लगातार कांग्रेस जीतती आई है और यह जीत अबकी बार भी जारी रही।
चुनाव जीतने के बाद दीपक प्रजापत ने माना है कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार तो होता है। यही कारण है की साफ सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं लगातार प्रभावित होती हैं, क्योंकि यहां सबसे बड़ी कमी फंड और मैनेजमेंट की रही है। इसके चलते यह भ्रष्टाचार पनप रहा है। समय रहते नगर परिषद की जिम्मेदार यदि इन सब बातों पर ध्यान दें तो शहर की साफ सफाई व्यवस्थाएं पटरी पर आ सकती हैं।