हाल ही में हुए आईपीएस तबादलों में बीकानेर के एक पुलिस अधिकारी को दोबारा से बीकानेर में ही पोस्टिंग दिए जाने से नाराज पूर्व सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी ने 6 फरवरी से राजस्थान विधानसभा भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का ऐलान किया है।
उन्होंने लंबे समय से बीकानेर में जमे एक पुलिस अधिकारी को फिर से बीकानेर में पोस्टिंग दिए को लेकर सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार चुने हुए जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रही है और पुलिस प्रशासन को राजनीति से प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने खासतौर पर आईपीएस अधिकारी प्यारेलाल शिवरान की नियुक्ति को निशाने पर लिया है, जो विभिन्न पदों पर बरसों से बीकानेर में ही जमे हुए हैं। सरकार ने अब शिवरान को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में पुलिस अधीक्षक बना दिया है, जिससे भाटी खासे नाराज हैं।
पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी और वर्तमान में श्रीकोलायत विधायक उनके पौत्र अंशुमान सिंह भाटी ने इस संबंध में कई बार चुनाव आयोग, राज्य सरकार और पुलिस विभाग से शिकायतें कीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि एसपी रैंक के इस अधिकारी की नियुक्ति नियमों के खिलाफ है, क्योंकि किसी भी राजपत्रित अधिकारी को तीन वर्षों से अधिक एक ही जिले में पदस्थापित नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद शिवरान को लंबे समय तक बीकानेर में बनाए रखा गया।
भाटी का कहना है कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो मैं विधानसभा के आगे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठूंगा। सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। बहरहाल भाजपा सरकार में मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के इस्तीफा प्रकरण को लेकर फजीहत झेलने के बाद अब भाजपा के ही पूर्व नहर मंत्री और कद्दावर नेता देवीसिंह भाटी के विधानसभा के सामने धरने पर बैठने के ऐलान से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आना तय माना जा रहा है।