भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा तहसील क्षेत्र की महेंद्रगढ़ ग्राम पंचायत में हाल ही में एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां ग्रामीणों ने न केवल गधों की पूजा की बल्कि उन्हें गुलाब जामुन खिलाकर खुशी का इजहार भी किया। यह आयोजन अच्छी बारिश होने की खुशी और ग्रामीणों की मन्नत पूरी होने पर किया गया।
गांव में आयोजित इस कार्यक्रम की तस्वीरें और घटनाक्रम अब चर्चा का विषय बने हुए हैं। आमतौर पर गधे गुलाब जामुन खा रहे हैं ऐसा कहावत, मजाक या तंज के रूप में सुनने को मिलती है, लेकिन महेंद्रगढ़ में यह कहावत सच साबित हो गई। यहां सचमुच गधों को गुलाब जामुन खिलाए गए। महेंद्रगढ़ गांव में गधों की पूजा और उन्हें मिठाई खिलाने का यह आयोजन ग्रामीण समाज की परंपराओं, आस्थाओं और प्रकृति के प्रति सम्मान को उजागर करता है। जहां एक ओर मानसून की तबाही झेल रहे लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश की कमी वाले इलाकों में ऐसे अनोखे आयोजन लोगों की उम्मीदों को जीवित रखते हैं। किसानों का कहना है कि अब वे आने वाले दिनों में अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं।
पारंपरिक टोटके से जुड़ा आयोजन
राजस्थान में मानसून की इस बार दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। एक ओर कई जिलों में आफत की बारिश से सड़कें डूब गईं, मकान गिर गए और लोग बेहाल हो गए। वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में पर्याप्त वर्षा न होने से किसान चिंतित थे। इसी कारण ग्रामीण पारंपरिक टोटकों का सहारा लेकर अच्छी बारिश की कामना करते रहे।
महेंद्रगढ़ में भी कई दिनों से ग्रामीण टोटके और धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे। गांव के अधिवक्ता मनोज कुमार भाटी ने बताया कि ग्रामीणों ने पहले ही संकल्प लिया था कि यदि अच्छी बारिश होगी तो गधों की पूजा कर उन्हें मिठाई खिलाई जाएगी। इस बार झमाझम वर्षा हुई, जिससे खेतों में नमी आई और हरियाली की उम्मीद जगी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मन्नत पूरी करते हुए गधों की पूजा और मिठाई का आयोजन किया।