राजस्थान सिविल जज भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही भीलवाड़ा में खुशी की लहर दौड़ गई। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में भीलवाड़ा के आशुतोष शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है। परिणाम आने के बाद उनके घर पर परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों का जमावड़ा लग गया, जहां फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाइयां खिलाकर उनका भव्य स्वागत किया गया।
बचपन से ही न्याय के क्षेत्र में सेवा करने का सपना देखने वाले आशुतोष ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और धैर्य के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर पढ़ाई की, सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस किया। आशुतोष की यह सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपने पिता गणेश कुमार शर्मा के अधूरे सपने को पूरा किया है।
आशुतोष ने बताया कि उनकी तैयारी की यात्रा आसान नहीं रही। उन्होंने वर्ष 2020 में सिविल जज बनने का लक्ष्य तय किया था। वर्ष 2022 में वकालत पूरी करने के बाद उन्होंने प्रैक्टिस के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी। इस दौरान कई चुनौतियां आईं, लेकिन परिवार, गुरुजनों और मित्रों के सहयोग से वे कभी हिम्मत नहीं हारे।
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आशुतोष शर्मा ने कहा कि राजस्थान सिविल जज परीक्षा में मुझे 12वीं रैंक मिली है। यह सफर काफी लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा। 2020 से इसकी तैयारी कर रहा था। 2022 में वकालत पूरी हुई और इसके बाद काम के साथ पढ़ाई करता रहा। इस सफलता का श्रेय मैं अपने परिवार, गुरुजनों और मित्रों को देता हूं। जब भी परेशानी या तनाव महसूस हुआ, उन्होंने मुझे प्रेरित किया। युवाओं को मेरा संदेश है कि धैर्य और मेहनत से सफलता जरूर मिलती है।
आशुतोष के पिता गणेश कुमार शर्मा ने कहा कि मेरा बेटा बचपन से ही मेहनती और जुनूनी रहा है। आज उसने जज बनकर न केवल अपना बल्कि मेरा भी सपना पूरा कर दिया है। मुझे उस पर गर्व है।
आशुतोष शर्मा की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिश्रम और धैर्य के साथ अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। भीलवाड़ा का यह होनहार बेटा अब न्याय के क्षेत्र में सेवा की नई जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।