बाड़मेर में चंद्र ग्रहण के चलते होली को लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी थी, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में ग्रहण का कोई दोष नहीं है। ऐसे में सोमवार शाम को होलिका दहन और अगले दिन मंगलवार को धुलंडी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। बाड़मेर के गांव के गुरु पंडित ओमप्रकाश जोशी ने बताया कि 3 मार्च को देशभर में चंद्र ग्रहण रहेगा, लेकिन बाड़मेर, जैसलमेर और गुजरात के कच्छ क्षेत्रों में इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। इस वजह से बाड़मेर में 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा।
पंडित ओमप्रकाश जोशी के अनुसार सोमवार शाम 05:56 बजे से फाल्गुन मास की पूर्णिमा के साथ भद्रा काल शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन के दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त शाम 07:30 बजे से रात 09:00 बजे तक और दूसरा मुहूर्त मंगलवार सुबह 05:30 से 06:00 बजे तक रहेगा। इनमें गोधूलि वेला वाला पहला मुहूर्त श्रेष्ठ माना गया है।
उन्होंने होलिका पूजन की परंपरा भी साझा की। गाँव और मोहल्लों में लकड़ियों से होली बनाई जाती है, जिसमें एक लकड़ी को प्रह्लाद के रूप में स्थापित किया जाता है। सुहागिन महिलाएं शाम के समय होली के सामने दीपक जलाकर और मोली बांधकर विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं और अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं।
होलिका दहन के बाद मंगलवार को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा। पंडित संतोष शर्मा ने भी पुष्टि की कि बाड़मेर में चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं होगा। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग, अबीर और गुलाल लगाते हैं, मिठाई और पकवान बाँटते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। इस तरह बाड़मेर में इस बार होली और धुलंडी की खुशियाँ पारंपरिक तरीके से सुरक्षित और उल्लासपूर्ण माहौल में मनाई जाएंगी।