प्रदेश के तीन विधायकों से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन के जरिए सामने आए भ्रष्टाचार का मामले पर जिले के शिव से निर्दलीय युवा विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद से अन्य 197 विधायकों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसलिए जांच करके स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि वैसे तो पहली बार का विधायक हूं लेकिन जब हम सदन में जाते हैं, तब सविधान के अनुच्छेद 188 के तहत शपथ लेते हैं। सदन में बैठने वाले 200 विधायकों की विश्वसनीयता ही उनका सबसे बड़ा आभूषण है। भाटी ने कहा कि आज एक स्टिंग ऑपरेशन की वजह से सभी चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जो भी प्रकरण हुआ है, उसकी जांच होनी चाहिए ताकि जो भी स्थिति है, वो स्पष्ट हो सके।
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उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उक्त प्रकरण की जांच करवाकर प्रदेश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे। विधायक कोष पर बोलते हुए भाटी ने कहा कि यह पैसा जनता का है और जनता ने हमें एक चौकीदार के रूप में बिठाया है ताकि सेवार्थ कामों में इसका उपयोग कर सकें।
भाटी ने कहा कि इस स्टिंग ऑपरेशन से निश्चित रूप से बाकी के 197 विधायकों पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा है, इसलिए मामले की पूरे तरीके से जांच होनी चाहिए। जिस प्रकार जीरो टॉलरेंस नीति की बात केन्द्र और राज्य सरकार कर रखी है, निश्चित रूप से जीरो टॉलरेंस होना चाहिए और सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भाटी ने दोहराया कि इस प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। जो भी दोषी हो, उसे बेनकाब किया जाए और पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। भाटी ने यह भी कहा कि यदि कोई इसमे लिप्त नहीं है तो उनकी छवि पर इस प्रकार के दाग नहीं लगे इस बात का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।