बारां जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग से जुड़ा एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक फूड इंस्पेक्टर को उपभोक्ता की शिकायत पर कार्रवाई करना महंगा पड़ गया। फूलचंद पुड़ी सेंटर पर सैंपल लेने पहुंचे फूड इंस्पेक्टर बाबूलाल तगाया को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव सक्सेना ने अचानक कार्यमुक्त कर पत्र जारी कर दिया। इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुड़ी सेंटर के खिलाफ मिली थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, एक उपभोक्ता ने फूलचंद पुड़ी सेंटर की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत का संज्ञान लेते हुए फूड इंस्पेक्टर बाबूलाल तगाया मौके पर सैंपल लेने पहुंचे थे। उन्होंने नियमानुसार नमूने लिए और कार्रवाई शुरू की। लेकिन कार्रवाई पूरी होने के कुछ ही देर बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव सक्सेना द्वारा उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया गया।
शहर में चल रही चर्चाएं
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर सैंपल लेने जैसी सामान्य प्रक्रिया के बाद इतना बड़ा फैसला क्यों लिया गया। क्या विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त है या नियमों का पालन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
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सीएमएचओ ने क्या बताया?
इस मामले में बारां के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि फूड इंस्पेक्टर आज कहीं कार्रवाई करने लगे, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी और न ही यह उनकी जानकारी में था। उन्होंने कहा कि आज उनके द्वारा जो कार्यमुक्ति का पत्र जारी किया गया है, उसका मुख्य कारण यह है कि बारां जिले में दो फूड इंस्पेक्टर लगे हुए हैं और उनमें से एक को वापस अपनी मूल जगह भेजने के लिए यह पत्र रूटीन प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है।