राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान गुरुवार को डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने जनजाति विकास मंत्री पर कई आरोप लगाए। इससे सदन में जोरदार हंगामा हो गया।
बहस के दौरान विधायक गणेश घोघरा ने जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी पर कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए सवाल किया कि नए मां बाड़ी केंद्र शुरू करने के लिए जनजाति मंत्री के पास कितना कमीशन आया? यह जनजाति का पैसा है लेकिन समन्वयक गैर जनजाति के लोग लगाए। कौन से कानून के अंतर्गत लगाए?
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विधायक घोघरा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार झूठे दावे कर रही है। लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है। पीएम आवास देने के दावे कर रहे हैं लेकिन पीएम आवास की किश्त समय पर नहीं मिल रही है। बड़ी संख्या में लोगों के मकान अधूरे पड़े हैं, साल भर से पैसा नहीं मिल रहा है। मनरेगा के मेट और कारीगर का भुगतान नहीं हुआ है। डबल इंजन की सरकार कच्चे काम भी नहीं निकाल रही है।
डूंगरपुर विधायक के आरोपों पर अन्य मंत्रियों ने आपत्ति जताई और बिना साक्ष्य आरोपों को सदन की कार्रवाई से निकालने की मांग की। इसके बाद सभापति ने आरोपों को कार्रवाई से हटाने का आश्वासन दिया। जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने विधायक को जवाब देते हुए कहा कि यदि वे एक पैसे का आरोप साबित कर दें तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि उन पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं।