अलवर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट, अनीता सिंदल ने बानसूर थाना क्षेत्र में 11 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड के तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक योगेन्द्र सिंह खराणा ने बताया कि 18 दिसंबर 2014 को मृतक महेन्द्र गुर्जर के भाई रामस्वरूप निवासी कड़ियों की ढाणी ने बानसूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई महेन्द्र गुजर और महेश मीणा मोटरसाइकिल से खोहरी से इंद्राणा जा रहे थे। जैसे ही वे चासी का वाला तिराहे पर पहुंचे, आरोपियों सेगराम, महेश उर्फ मुरेश और अनिल सिंह ओर अन्य ने पूर्व योजना के तहत घात लगाकर दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
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ये सभी लोग लाठी फर्सी के अलावा माउजर ओर पिस्टल भी लिए हुए थे। हमले में महेंद्र वे महेश मीणा गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। गंभीर चोटों के कारण दोनों जनों की उपचार के लिए अलवर हॉस्पिटल लाया गया। वहां हालत ज्यादा बिगड़ने पर दोनों को एसएमएस अस्पताल जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर अस्पताल में दोनों की उपचार दौरान मौत हो गई। कोर्ट ने इसे नृशंस और जघन्य हत्या मानते हुए तीनों को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 2014 में हुआ था और इसका फैसला ग्यारह साल बाद दिया गया है। फैसले में दोनों को कठोर कारावास की सजा दी गई है और दोनों पर अर्थदण्ड भी लगाया गया है। सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज ओर गवाहों के बयान पर भी गौर किया गया और इन सभी पर गौर करने के बाद दोनों को कोर्ट ने दोषी मन और दोनों को सजा सुनाई।