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Alwar News: सरकारी अस्पताल में स्ट्रेचर पर तड़प रहा था शिक्षक, आधार कार्ड न होने पर नहीं शुरू किया इलाज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Updated Mon, 18 Aug 2025 10:19 AM IST

राजस्थान के अलवर जिले के नौरंगाबाद के पास हुए सड़क हादसे में एक शिक्षक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान उमेश यादव निवासी पड़ीसल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उमेश यादव रविवार को पटवारी भर्ती परीक्षा की ड्यूटी पूरी करने के बाद अलवर से कार लेकर अपने गांव पड़ीसल लौट रहा था। इसी दौरान नौरंगाबाद के पास उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उसे अलवर केहरीश अस्पताल लाये जहां से उसे राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय पहुंचे परिवार जन उसे लेकर ट्रॉमा वार्ड लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर से परिवार और गांव में गम का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
सरकारी अस्पताल में आधार कार्ड न होने पर नहीं मिला इलाज, घायल प्रोफेसर की स्ट्रेचर पर तड़पते हुए मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप। अलवर के गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर उमेश यादव की सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के अभाव में मौत हो गई। यह घटना उस समय घटी जब नौरंगाबाद के पास उनकी कार को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद उन्हें परिजन गंभीर हालत में अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इलाज शुरू करने से पहले आधार कार्ड की मांग की। परिजनों के पास उस समय आधार कार्ड नहीं होने के चलते उमेश को उपचार नहीं मिला और वह स्ट्रेचर पर तड़पते रहे।

यदि समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान
गंभीर स्थिति में भी उपचार शुरू नहीं होने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। हंगामे के बाद डॉक्टरों ने उमेश को अटेंड किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उमेश ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि समय पर इलाज मिल जाता तो उमेश की जान बचाई जा सकती थी।

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मृतक परिवार का इकलौता बेटा था
परिजनों के अनुसार, उमेश हाल ही में पटवारी परीक्षा में ड्यूटी करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। 6 फरवरी 2025 को ही उसका विवाह हुआ था और उनकी पत्नी पीडब्ल्यूडी में जेईएन के पद पर कार्यरत हैं। यह भी बताया गया कि कुछ वर्ष पूर्व उमेश के भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, और उमेश परिवार के इकलौते बेटे थे। पुलिस को सूचना मिलने के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया है और अज्ञात वाहन चालक की तलाश की जा रही है। परिजन अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं।

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