पूरा शहर इन दिनों पैंथरों के आतंक के साये में जी रहा है। हाल ही में पहाड़गंज इलाके में एक नर और एक मादा पैंथर को उनके दो बच्चों के साथ देखा गया है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पैंथर रात्रि के समय बस्ती के बेहद करीब आ रहे हैं। बीती शाम को पैंथरों ने एक सांभर का शिकार भी किया, जिसका शव आबादी के पास ही पड़ा मिला है।
गौरतलब है कि इससे पहले शहर में दो अन्य पैंथरों ने कोहराम मचाया था। इनमें से एक राजर्षि कॉलेज में देखा गया था, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। दूसरे पैंथर ने सुगनाबाई धर्मशाला के पास लोगों पर हमला कर दिया था, जिसे वन विभाग ने ट्रेंक्यूलाइज करके सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान में भेज दिया। अब पहाड़गंज और खजूरी इलाके में पैंथरों की मौजूदगी से लोग खौफ में हैं। इन पैंथरों को बार-बार इस इलाके में देखा जा रहा है। इस बार ये पैंथर आबादी के बेहद करीब आ गए हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
हालांकि वन विभाग को इस बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने शिकार किए गए सांभर को भी वन विभाग के अधिकारियों को दिखाया, लेकिन उनकी ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पैंथरों के इस तरह बस्ती के करीब आने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर खासतौर पर चिंता बनी हुई है।
वन विभाग भी आबादी में पैंथरों के लगातार आने से परेशान है। इन पैंथरों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए विभाग को एक स्पष्ट और त्वरित योजना की आवश्यकता है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।