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Alwar: रिटायरमेंट से पहले प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक ने सुसाइड नोट लिख दी जान, सहयोगियों पर लगाए गंभीर आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलवर Updated Sun, 08 Feb 2026 08:08 PM IST

अलवर के अकबरपुर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां सेवानिवृत्ति से महज 5 महीने पहले एक सरकारी शिक्षक ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। निर्भमपुरा गांव के रहने वाले 59 वर्षीय शिक्षक बड्डन लाल भलाई ने घर से कुछ दूरी पर स्थित बाड़े में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सुसाइड से पहले उन्होंने चार पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल और सहकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सेवानिवृत्ति से पहले प्रताड़ना का शिकार
बड्डन लाल पिछले 25 वर्षों से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढेहलावास में कार्यरत थे और उनकी कुल राजकीय सेवा 38 वर्ष की थी। सुसाइड नोट के अनुसार, उनका स्वास्थ्य पिछले 4-5 वर्षों से बेहद खराब था। बेटे की शादी से ठीक पहले उन्हें माइंड स्ट्रोक आया था, जिससे उन्हें लकवा मार गया और उनकी याददाश्त व बौद्धिक क्षमता कमजोर हो गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें जीवनभर दवाइयां लेने और तनाव से दूर रहने की सलाह दी थी। शिक्षक ने नोट में दर्द बयां करते हुए लिखा कि 30 जून 2026 को उनका रिटायरमेंट था, लेकिन वह अपने रिटायरमेंट के कागजात तक तैयार नहीं कर पा रहे थे। उन पर 8 विद्यालयों की पाठ्यपुस्तकों, वर्कबुक और लाइब्रेरी का अतिरिक्त कार्यभार (चार्ज) था, जिसे कोई और लेने को तैयार नहीं था।

प्रिंसिपल और सहकर्मियों पर गंभीर आरोप
सुसाइड नोट में तत्कालीन और वर्तमान  प्रिंसिपल सुनीता बाई, गायत्री और ए.के. मिश्रा पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया गया है। बड्डन लाल ने लिखा, मैने बार-बार अनुरोध किया कि मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, मेरा चार्ज किसी और को दे दो, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी। उल्टा मेरा मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि 'आप जानो और आपका काम जाने'। इसके अलावा, उन्होंने स्कूल के अन्य शिक्षकों सीमा गुप्ता, प्रत्येकेंद्र सिंह और रोशन लाल पर बदतमीजी और प्रताड़ना का आरोप लगाया। 

नोट के अनुसार, ये शिक्षक रिजल्ट बनाने जैसे जरूरी काम नहीं करते थे और टोकने पर अपनी 'ऊंची पहुंच' का हवाला देकर डराते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शिक्षक शराब पीकर उन्हें गाली-गलौज करते थे और धमकी देते थे कि 'तेरी नौकरी खा जाएंगे, रिटायरमेंट नहीं होने देंगे।'

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
बड्डन लाल के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे, बहुएं और पोतियां हैं। परिवार पर आर्थिक जिम्मेदारी होने के कारण वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) भी नहीं ले पा रहे थे। 59 साल की उम्र में इस तरह के कदम से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का कहना है कि वे स्कूल के स्टाफ की प्रताड़ना के कारण पिछले कई दिनों से गहरे तनाव में थे।

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पुलिस जांच और कार्रवाई
सूचना मिलने पर अकबरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में शिक्षक ने अंत में ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनके दोषियों को कड़ी सजा मिले और शिक्षा विभाग इन पर सख्त कार्रवाई करे।

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