नागौर के ताऊसर गांव में राजनीतिक रंजिश के चलते राशन डीलर महेंद्र पंवार को बिना किसी नोटिस के निलंबित किए जाने के फैसले से गांव के उपभोक्ताओं में आक्रोश है। उपभोक्ताओं ने जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और जिला रसद अधिकारी अंकित पचार को ज्ञापन सौंपकर डीलर को बहाल करने की मांग की है।
उपभोक्ताओं ने स्पष्ट किया कि राशन डीलर महेंद्र पंवार अपनी दुकान से सुचारू रूप से राशन वितरण कर रहे थे और उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि डीलर को झूठी शिकायतों के आधार पर निलंबित किया गया है।
उपभोक्ताओं और डीलर ने शिकायतकर्ता हंसराज और उसके परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे राजनीतिक संरक्षण का फायदा उठाते हुए व्यक्तिगत रंजिश के तहत झूठी शिकायतें कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हंसराज पर नागौर कोतवाली थाने में कई मामले दर्ज हैं।
उसका अपने भाई को स्कूटी के पीछे बांधकर गांव में घुमाने की घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो चुका है, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसने स्कूल के टीचर पर भी झूठे मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज कराया था, जो बाद में गलत साबित हुआ।
महेंद्र पंवार का कहना है कि शिकायतकर्ता हंसराज व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण इस तरह की झूठी शिकायतें कर रहा है। डीलर ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव का नतीजा है।