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Nagaur News : कुकर्म के 50 दिन बीतने के बाद भी मासूम के जख्म ताजा, प्रशासन अपनी जिम्मेदारी भूला

Tue, 10 Sep 2024 04:23 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर

नागौर जिले के पादुंकला थाना इलाके में 14 वर्षीय मासूम को उसी के पड़ोसी ने स्कूल जाते समय अगवाकर कुकर्म किया था। 50 दिन बीतने के बावजूद अब भी मासूम के जख्म ताजा हैं, जिनसे लगातार खून रिस रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेज दिया है लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी पीड़ित को अब तक राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता राशि नहीं मिली है।

गौरतलब है कि पादुंकला में स्कूल जाते समय बच्चे के पड़ोसी ने उसे अगवा कर उसके साथ कुकर्म किया था। बच्चे के पिछले हिस्से से लगातार रक्तस्राव होने से उसकी तबीयत बिगड़ते देख उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर और परिजन भी एक बार को घटना के बारे में अंदाजा नहीं लगा पाए। हालत बिगड़ते देख बच्चे को मेड़ता सिटी के राजकीय चिकित्सालय से अजमेर रैफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने अपनी जांच में कुकर्म किए जाने की पुष्टि की।

डॉक्टरों द्वारा पुष्टि किए जाने के आधार पर अजमेर में कोतवाली थाना पुलिस ने जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज की और पादुंकला थाना पुलिस ने आरोपी सहदेव को गिरफ्तार कर लिया और मेड़ता के पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को जेल में भेज दिया है। मगर चिकित्सकों के अनुसार बालक के साथ हुए कृत्य में नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की आशंका व एक से ज्यादा लोगों की मौजूदगी से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि चिकित्सकों ने पेट की सर्जरी के जरिए छिद्र बनाकर मलद्वार बनाया है ताकि खराब हिस्से को पुनः ठीक किया जा सके।

मनोज सोनी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष, नागौर ने बताया कि हमारे सामने जैसे ही मामला आया हमने जेजे एक्ट के तहत संज्ञान लेकर बालक के हित में समिति की ओर से जो कार्रवाई की जानी होती है, वह पूरी की है। साथ ही पीड़ित को मिलने वाली सहायता का प्रस्ताव बनाकर हमने डीसीपी को प्रेषित किया, जिसकी स्वीकृति जल्द ही बालक के परिजनों को मिल जाएगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी को भी पत्र लिखकर बच्चे की उच्च चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी टीम गठन के निर्देश भी दिए हैं जिससे बच्चे के स्वास्थ्य में जल्द से जल्द सुधार हो सके।

नागौर जिला कलेक्टर डॉ. अरुण कुमार पुरोहित ने कहा कि बाल कल्याण समिति की तरफ से माननीय पॉक्सो कोर्ट में प्रस्ताव भेज दिया गया है। वहां से प्रस्ताव पारित होते ही पीड़ित परिवार को सहायता राशि दे दी जाएगी। 

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