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Pushkar Fair 2025: पांच साल की उम्र में बना 285 बच्चों का पिता, 11 करोड़ कीमत; क्यों सुर्खियों में है ‘बादल’

Mon, 27 Oct 2025 09:43 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर/पुष्कर

अजमेर के विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला इस वर्ष फिर अपने अनोखे और कीमती पशुओं के कारण सुर्खियों में है। मेले में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र बना हुआ है- 11 करोड़ रुपये कीमत वाला घोड़ा ‘बादल’, जिसने अपनी शानदार बनावट, ताकत और प्रजनन क्षमता से लोगों का दिल जीत लिया है।
 
तीसरी बार पुष्कर पहुंचा बादल, पशुपालकों का बना चहेता
‘बादल’ नाम का यह शानदार घोड़ा तीसरी बार पुष्कर मेले में आया है। मात्र पांच वर्ष की उम्र में ही वह अब तक 285 बच्चों का पिता बन चुका है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित देशभर से पशुपालक उसे देखने विशेष रूप से पुष्कर पहुंचे हैं। मेले में उसका स्टॉल सुबह से शाम तक भीड़ से घिरा रहता है।
 
मालिक ने ठुकराया 11 करोड़ का ऑफर
बादल के मालिक राहुल का कहना है कि वे अपने इस अनमोल घोड़े को किसी भी कीमत पर बेचना नहीं चाहते। उन्होंने बताया कि बादल सिर्फ एक घोड़ा नहीं, हमारे परिवार का सदस्य है। उसकी देखभाल और ट्रेनिंग में वर्षों की मेहनत लगी है। राहुल के अनुसार, बादल को रोजाना विशेष आहार और व्यायाम दिया जाता है, जिससे उसकी ताकत, चमक और फुर्ती बनी रहती है।
 
हर उम्र के लोगों में ‘बादल’ देखने की दीवानगी
बादल की चमकदार त्वचा, ऊंची चाल और संतुलित शरीर सभी को आकर्षित कर रहे हैं। सैलानी उससे तस्वीरें और वीडियो लेने के लिए उमड़ रहे हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उसकी एक झलक पाने को उत्साहित हैं।

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विशेषज्ञों ने बताया दुर्लभ नस्ल का घोड़ा
पशुपालन विशेषज्ञों का कहना है कि बादल जैसी नस्ल के घोड़े बेहद दुर्लभ होते हैं। उनकी तेज रफ्तार, शक्ति और प्रजनन क्षमता उन्हें करोड़ों में मूल्यवान बनाती है। इनका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले ब्रीड तैयार करने में किया जाता है, जिससे देशभर के पशुपालकों को लाभ होता है।
 
पुष्कर मेला बना परंपरा और पशुप्रेम का उत्सव
पिछले वर्षों में ‘नगीना’ नाम की घोड़ी ने लोगों का दिल जीता था, जबकि इस बार यह गौरव ‘बादल’ को मिला है। देश-विदेश से आए सैलानी उसकी सुंदरता और अनूठी पहचान से प्रभावित हैं। पुष्कर मेला एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि यह केवल पशुओं का बाजार नहीं, बल्कि परंपरा, गर्व और पशुप्रेम का उत्सव है।

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