फाजिल्का नगर परिषद चुनाव में बैलट पेपरों से भरे बक्सों को स्ट्रांग रूम में रखने और सील करने के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के स्क्रीनशॉट में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि स्ट्रांग रूम के मेन गेट पर ताला तो लगाया गया, लेकिन उसमें कुंडा ठीक से नहीं लगाया गया। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया। बुधवार शाम को अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधि सिविल लाइन स्थित लड़कों के सरकारी स्कूल में बने स्ट्रांग रूम के बाहर पहुंच गए, जहां देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और हंगामे की स्थिति बन गई। मौके पर डीएसपी और फाजिल्का के रिटर्निंग अफसर जुगराज सिंह काहलों भी पहुंचे। उनके सामने पूर्व मंत्री सुरजीत ज्यानी, कांग्रेस नेता सुरेंद्र कालड़ा (पप्पू), सुरेंद्र घोगा, सुबोध वर्मा, अश्विनी फुटेला, अंकुश फुटेला, जसविंदर जस्सा सहित कई उम्मीदवार और प्रतिनिधि मौजूद थे। हंगामा बढ़ने पर रिटर्निंग अफसर ने माना कि सीलिंग के दौरान जल्दबाजी में गलती हो गई थी, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोहे के गेट पर ताला लगा हुआ है। वहीं जब सील पर किसी भी पार्टी के प्रतिनिधि या अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने का मुद्दा उठा, तो उन्होंने इसे भी चूक बताते हुए बाद में साइन करवाने की बात कही। लेकिन इस प्रस्ताव को वहां मौजूद प्रतिनिधियों ने सिरे से खारिज कर दिया और स्पष्ट कहा कि अब वे साइन नहीं करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।