‘मैं तां बीबी जागीर कौर नाल जिंदगी च थोड़ा बहुत धक्का वी कीता... मैंने ते मांफी मंगन च संग(शर्म) नहीं कीती... टीवी दे सामने कहना हां... बीबी जागीर कौर मैं तेरा वीं भला चाहुंदा आं... तैंनू वी वेखना चाहुंदा हां की तरक्की कर..., जिहड़ी तुस्सी गल्ल कहीं आ के एसजीपीसी दे प्रधान लिफाफे चां नहीं निकलने चाहीदे, जेकर एसजीपीसी तों तैनूं हटाउंदे नें तां बीबी जागीर कौर जी तेरा सपोर्टर मैं बैठा हां। यह बातें नाभा जेल से बाहर आए भुलत्थ विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने अपने गृह निवास गांव रामगढ़ (भुलत्थ) में पहली वर्कर मीटिंग के दौरान अपने दिल के वलवले(जज्बात) सांझे करते हुए कही।