संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज पंजाब भर में किसान जत्थेबंदियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर दफ्तरों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में मोगा में भी किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना लगाकर सरकार के नाम मांग पत्र सौंपा।किसानों ने कर्जा माफी, फसलों के नुकसान का मुआवजा, एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों पर अलग-अलग थानों में दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों की ओर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। धरने के दौरान किसानों ने कहा कि बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। वहीं डीजल, खाद और बीज की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं और किसानी बर्बादी की ओर बढ़ रही है। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो किसान लंबे संघर्ष के लिए मजबूर होंगे।