जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव ड्यूटी के दौरान मोगा में जान गंवाने वाले शिक्षक जोड़े को इंसाफ दिलाने के लिए पटियाला जिले के सभी अध्यापक जत्थेबंदियों की तरफ से जिला शिक्षा दफ्तर से फव्वारा चौक तक कैंडल मार्च निकाला। इसमें बड़ी संख्या में अध्यापकों और अन्य संगठनों के नुमाइंदों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर अध्यापक नेता विक्रम देव सिंह, जसविंदर सिंह समाना, हरविंदर सिंह रखड़ा, मनोज घई, गुरप्रीत सिंह गुरु, तलविंदर खरौद और हरमीत कौर ने बताया कि 14 दिसंबर को जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के दौरान टीचर जसकरन सिंह भुल्लर और उनकी पत्नी टीचर कमलजीत कौर की मोगा जिले में उस समय मौत हो गई थी, जब उनकी कार नदी में गिर गई थी। उस समय वे प्रशासन की तरफ से लगाई गई दूर-दराज की चुनाव ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी तरह मूनक (संगरूर जिले) में एसोसिएट टीचर राजवीर कौर की मूनक के पास, एजुकेशन प्रोवाइडर टीचर परमजीत कौर की समाना के पास और गुरविंदर सिंह पातड़ां के पास हादसों का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पंजाब में कई और जगहों पर भी चुनाव ड्यूटी के मामले में चुनाव आयोग और पंजाब सरकार की मनमानी और लापरवाही के कारण शिक्षकों को ऐसे हादसे झेलने पड़े। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने मृतक दंपत्ति के परिवार को 10-10 लाख रुपये का मामूली चेक दिया था, जिसे उन्होंने लेने से मना कर दिया। वहीं सरकार ने घायल शिक्षकों की कोई सुध तक नहीं ली है।