पटियाला में बुधवार को ब्लाॅक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के दफ्तर में पंचायती जमीन की बोली के दौरान हंगामा हो गया। बोली के दौरान किसान यूनियन के नुमाइंदे बीडीपीओ दफ्तर में घुस आए और बोली प्रक्रिया का विरोध करने लगे। किसानों और बोलीदाताओं के बीच धक्का-मुक्की में कई की पगड़ियां उतर गईं। पुलिस ने माहौल को शांत करके दोनों पक्षों को समझाया। एसपी (सिटी) पलविंदर सिंह चीमा ने बताया कि किसानों व बोलीदाताओं के बीच टकराव में फिलहाल किसी को चोटें लगने की सूचना नहीं है। अगर मामले में शिकायत आती है तो केस दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक गांव बठोई कलां में 606 एकड़ जमीन को अवैध कब्जाधारियों से छुड़वाकर प्रशासन की तरफ से कब्जा लिया गया था, लेकिन इसके विरोध में अवैध कब्जाधारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। कब्जाधारियों ने हलफिया बयान दिया कि इन नंबरों वाली जमीन उनकी है। बाकी बची 98 एकड़ जमीन पर पंचायत की मालिकी है। इसके चलते बुधवार को 98 एकड़ जमीन की रिजर्व कोटे के तहत बोली पटियाला में बीडीपीओ दफ्तर में रखी गई थी। मौके पर गांव के एससी व बीसी समाज के बोलीदाता मौजूद थे। इसी दौरान बीडीपीओ दफ्तर में कब्जाधारी व एक किसान यूनियन के नुमाइंदे घुस आए। वे बोली का विरोध करने लगे। इन्होंने इस जमीन पर अपना कब्जा बताया। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। किसान यूनियन से संबंधित महिलाओं ने एससी व बीसी समाज के लोगों पर लाठियां मारने के आरोप लगाए। मौके पर पुलिस ने तुरंत दोनों पक्षों को समझा कर माहौल को शांत कराया।