जगरांव के नजदीकी गांव अखाड़ा में बन रही बायोगैस फैक्टरी को लेकर पिछले ढाई साल से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया। गांव निवासियों की एकजुटता और लगातार संघर्ष के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा, जिसके चलते अब यह बायोगैस फैक्टरी गांव से बाहर पंचायती जमीन पर शिफ्ट की जाएगी। इसके साथ ही गांव में करीब दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों को भी मंजूरी दे दी गई है। फैसले के बाद पिछले ढाई वर्षों से फैक्टरी के सामने चल रहा दिन-रात का धरना आज समाप्त कर दिया गया। इस संबंध में जगरांव प्रशासन की ओर से एसडीएम उपिंदरजीत कौर, जगराओं पुलिस की ओर से एसपी रमनिंदर सिंह, डीएसपी जसविंदर सिंह ढींडसा, इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह, थाना सदर के इंचार्ज, संघर्ष कमेटी के प्रतिनिधि गुरतेज सिंह, गांव पंचायत और गांव प्रतिनिधियों की एक जॉइंट मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में गांववासी भी मौजूद रहे।