पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने जालंधर दौरे के दौरान नीट परीक्षा विवाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राहुल गांधी और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। उनके अनुसार, मामले की सीबीआई जांच कराई गई है, जिसमें कई आरोपियों की पहचान हो चुकी है। ढिल्लों ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों से सख्ती से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की है। उन्होंने दावा किया कि जो भी आरोपी दोषी पाया जाएगा, उसे 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भविष्य में किसी भी छात्र के साथ अन्याय न होने देना है। राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि "राहुल गांधी एक महीने पहले कहां थे? अब इतने दिनों बाद आकर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में बोलते हुए ढिल्लों ने कहा कि उनका पूरा जीवन शिक्षा और छात्रों के हित में समर्पित रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई फैसले लिए गए ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने फरीदकोट में कथित डी-फार्मेसी पेपर लीक और नकल के मामलों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्य में ऐसे मामले सामने आए हैं तो संबंधित मंत्री के खिलाफ कार्रवाई या इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की जा रही। केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस के पूर्व शिक्षा मंत्री प्रगट सिंह और आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि 2004 से 2014 के दौरान भी कई बड़े पेपर लीक हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय किसी ने इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन आज वही लोग नैतिकता की बातें कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि "पहले पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी को हटाएगी।" उन्होंने राज्य में गैंगस्टरवाद, फरीदकोट प्रकरण और सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज जैसे मुद्दों को उठाते हुए पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। वहीं रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा कि "बिट्टू पहले भी पंजाब के थे और आज भी पंजाब के ही हैं।