जालंधर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सांसद श्वेत मलिक ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर बढ़ते भ्रष्टाचार और अरविंद केजरीवाल की कथित तानाशाही कार्यशैली के कारण आम आदमी पार्टी का अस्तित्व संकट में है। मलिक ने सवाल उठाया कि अन्य पार्टियों से आप में आए नेताओं को अगर “गद्दार” कहा जा रहा है, तो क्या मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा भी उसी श्रेणी में आते हैं? मलिक ने दावा किया कि पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर असंतोष है, जिसके चलते कई नेता और सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल वैचारिक मतभेद नहीं, बल्कि सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण की लड़ाई है। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों पारदर्शिता, लोकतंत्र और जनभागीदारी से भटक चुकी है। पूर्व नेता अन्ना हजारे का जिक्र करते हुए मलिक ने कहा कि जिस आंदोलन से आप की नींव पड़ी, उसी के आदर्शों को अब नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ऐसे नेताओं का स्वागत करती है जो सुशासन और राष्ट्रहित में विश्वास रखते हैं। मलिक के इन बयानों से पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।