नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब को पूरी तरह उच्च तकनीक से लैस एक सुरक्षित क्षेत्र में बदल दिया गया है। इस ऐतिहासिक समागम में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए पंजाब पुलिस ने ऐसा सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिसे अब तक का सबसे व्यापक और उन्नत सुरक्षा ढांचा कहा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक केंद्र में है। शहर के मुख्य प्रवेश बिंदुओं, प्रमुख सड़कों, कार्यक्रम स्थलों और विस्तृत टेंट सिटी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई है। एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम न सिर्फ भीड़ प्रबंधन में मदद कर रहा है, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों को तत्काल पहचानने और उन पर कार्रवाई करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस उन्नत सुरक्षा सेटअप का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा चेहरा-पहचान तकनीक है। अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों, वांछित आरोपियों और संदिग्ध तत्वों की वास्तविक समय में पहचान के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए फेस-रिकग्निशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक भीड़ में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर अलर्ट जारी करने में सक्षम है, जिससे मौके पर तैनात बल तुरंत कार्रवाई कर सकें।
पूरे आनंदपुर साहिब को 500 से अधिक एआई संचालित सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। इनमें से कई कैमरे ऐसे हैं जिनमें नाइट-विजन, ऑटो-ट्रैकिंग और फेस-रिकग्निशन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। कैमरों का नेटवर्क एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से जुड़ा है, जहाँ विशेषज्ञ टीमें 24 घंटे फुटेज का विश्लेषण कर रही हैं।
इन सभी प्रयासों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करना और इस ऐतिहासिक अवसर को शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित रूप से संपन्न कराना है।