शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की मजीठा थाने में पेशी के दौरान शनिवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब पुलिस ने वकीलों को थाने के भीतर जाने से रोक दिया। इस दौरान वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। जानकारी के अनुसार, मजीठिया से जुड़े मामले में पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनके पक्ष के वकील थाने में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज वकीलों ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और कहा कि किसी भी आरोपी को कानूनी सहायता प्राप्त करना उसका अधिकार है। बहस के दौरान कुछ समय के लिए थाने के बाहर माहौल गरमा गया। मौके पर मौजूद अकाली दल के समर्थकों ने भी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। हालांकि बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। वहीं, अकाली दल के नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।