फरीदकोट में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले के विभिन्न किसान संगठनों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने शहर में रोष मार्च निकालते हुए केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे किसान विरोधी बिलों के अलावा पंजाब सरकार से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में सांकेतिक धरने देने का ऐलान किया गया था। इसी के तहत फरीदकोट में भी किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 1 सितंबर से चंडीगढ़ में भारत अमेरिका व्यापार समझौता,लैड पुलिंग पालिसी समेत अन्य किसान व लोक विरोधी नीतियों को लेकर एक सप्ताह का धरना दिया जाएगा। इसी धरने की तैयारियों के तहत आज का प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से लगातार किसानों के हितों के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि इससे पहले भी सरकारों की ओर से किसानों के खिलाफ कई कानून लाए गए थे, लेकिन किसान संगठनों ने लंबे संघर्ष के बाद सरकारों को इन कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो 1 सितंबर से चंडीगढ़ में शुरू होने वाले धरने को पक्का मोर्चा भी बनाया जा सकता है। इस मौके पर किसान नेता राजवीर सिंह गिल ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज फरीदकोट में भी डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकारों को उनकी मांगें याद करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले दिनों में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।