पंजाब विधानसभा में पेश बेअदबी संशोधन बिल पर कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहली भी सरकारों को मौका मिला है लेकिन आज तक उन्होंने इसके प्रयास नहीं किए, बल्कि वे खुद बेअदबी के आरोपी हैं। श्री अकाल तख्त के समक्ष उन्होंने अपनी गलती मानी है। बैंस ने कहा कि गजटेड ऑफिसर से नीचे का कोई अधिकारी इस मामले में जांच नहीं करेगा। इसमें उम्र कैद का प्रावधान है और साथ ही 25 लाख जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें किसी भी तरह के समझौते का प्रावधान नहीं है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानी है। अब कह रहे हैं कि माफी के लिए हमें मजबूर किया गया और लोगों को आज गुमराह कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि आज जिस कानून में संशोधन कर रहे हैं, उसे राज्यपाल ने 2008 में पहले ही मंजूरी दी हुई है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। विपक्ष की तरफ से जानबूझकर तरफ से गुमराह किया गया था। हमने विशेषज्ञों की राय ली गई है जिसके बाद ही कानून में संशोधन के लिए लेकर आए हैं। विपक्ष की डिले करने की मंशा है।