फौजी अमृतपाल सिंह का सैनिक सम्मान के साथ मक्खू के श्मशान घाट में रविवार शाम छह बजे अंतिम संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर जाते समय सड़क दुघर्टना में उसकी मौत हो गई थी। परिवारिक सदस्यों का कहना है कि अमृतपाल सिंह(26) पुत्र स्वर्ण सिंह वासी गांव चंगियां 15 जेके राइफल यूनिट में सिपाही के पद पर तैनात था। अमृतपाल घर पर छुट्टियों पर आया हुआ था। सात महीने पहले अमृतपाल की शादी तरनतारन की कंवलजीत कौर के साथ हुई थी। ये छुट्टियां बिता कर अपनी बटालियन में लौट रहा था। इसने जालंधर से अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी। पिता स्वर्ण सिंह व पत्नी कंवलजीत कौर स्विफ्ट कार में सवार होकर अमृतपाल को जालंधर ट्रेन चढ़ाने जा रहे थे कि तरनतारन स्थित गांव सेरों में लावारिस पशु इनकी कार से टकरा गया। सड़क हादसे में अमृतपाल की मौत हो गई। यूनिट के जवान अमृतपाल का शव सम्मान के साथ सैनिक वाहन पर लाद कर गांव पहुंचे। वहां पर ग्रामीणों की बहुत भीड़ थी। जैसे ही शव गांव में पहुंचा सभी की आंखें नम हो गई। सैनिक सम्मान के साथ अमृतपाल का मक्खू के श्मशान घाट में शाम 6:00 बजे अंतिम संस्कार किया गया।