श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बड़ा बयान दिया है । उन्होंने मांग की है कि बेअदबी मामले में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लिए अलग से क़ानून बने। क्योंकि सिखों के लिए यह धर्म ग्रंथ नहीं है बल्कि सिखों के लिए यह साक्षात गुरू हैं। हरेक सिख इन्हें अपना रहबर, सत्गुरु मानता है । लिहाज़ा इसे केवल धर्म ग्रंथ की दृष्टि से नहीं देखा जाए। गुरू की बेअदबी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती है । शनिवार को ज्ञानी हरप्रीत सिंह मस्तुआना साहिब में सुखदेव सिंह ढींडसा यादगारी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करने पहुंचे थे । इस दौरान ख़ास बातचीत में ज्ञानी सिंह ने कहा कि अमृतसर दरबार साहिब पर हमले की बार बार धमकी देना बेहद निंदनीय है । इस मामले में गिरफ्तार किए आतंकवादी शुभम् दुबे पर एनएसए लगना चाहिए और उसे पंजाब, हरियाणा से बाहर किसी जेल में डालना चाहिए । यह बड़ा अपराध है और खुलेआम धमकियाँ देना सरकार की नाकामी है । समाज में अस्थिरता पैदा करने, नफ़रत फैलाने और भड़काने की कोशिशों पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए । पूर्व जत्थेदार ने कहा कि सरकार इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से ले और समय रहते उचित कदम उठाए । उन्होंने कहा कि ढींडसा की याद में बने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से नौजवानों को भारी लाभ मिलेगा और नशे जैसी अलामतों से दूर रहेंगे । इस मौके पर पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा, अमनवीर सिंह चैरी, जसवंत सिंह खैरा, यादविंदर निर्माण, गुरमीत जौहल, सोहन सिंह भंगू, मनप्रीत गिल, मनू बडरूखां, जसपाल सिंह आदि मौजूद रहे ।