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कौमी इंसाफ मोर्चा ने शुक्रवार को सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का किया आह्वान

शाहिल शर्मा Updated Thu, 20 Aug 2026 05:44 PM IST

बंदी सिखों की रिहाई और 15 अगस्त को हुए मामले दर्ज को रद्द करने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने शुक्रवार को पंजाब बंद का एलान किया है। विभिन्न संगठनों ने सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रखने का ऐलान किया है। इस दौरान जिले में सात प्रमुख स्थानों पर धरने लगाए जाएंगे। इससे इन रास्तों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलें और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। संगठनों का कहना है कि 31 साल से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर लंबे समय से सरकार के समक्ष आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्रेसवार्ता के दौरान भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के सुरजीत फूल, दमदमी टकसाल सेवक जत्थे के बाबा आत्मा सिंह चहल, शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के परमिंदर सिंह बालियांवाली, दल खालसा के बाबा हरदीप सिंह, वारिस पंजाब संगठन के चमकौर सिंह, पुनर्सुरजीत अकाली दल के भोला सिंह गिलपत्ती और हरसिमरन सिंह ने बंद की जानकारी दी। संगठनों ने मांग की है कि 15 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं। इसके अलावा जगतार सिंह हवारा को उनकी माता की गंभीर हालत को देखते हुए पैरोल देने की मांग की गई है। पंजाब की जेलों में बंद जगतार तारा और परमजीत सिंह भयोरा को भी पैरोल पर रिहा करने की मांग की गई है। नेताओं के अनुसार दोनों ने पैरोल के लिए आवेदन किया हुआ है। सुरजीत फूल ने कहा कि यह बंद किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि उनके अनुसार मानवाधिकारों से संबंधित मुद्दा है। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की अपील कर रहे हैं। यहां पर लगेंगे धरने बंद का असर बठिंडा-चंडीगढ़ रोड स्थित रामपुरा मंडी चौक, बठिंडा-फरीदकोट रोड स्थित जीदा टोल प्लाजा, बठिंडा-मानसा रोड स्थित मौड़ चौक और बठिंडा-बाजाखाना रोड पर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बठिंडा शहर में घन्हैया चौक, बस स्टैंड और मानसा रोड स्थित अंडरब्रिज के पास भी धरने लगाए जाएंगे। बसें चलेंगी या नहीं, अभी स्थिति स्पष्ट नहीं बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ने की आशंका है। मालवा प्राइवेट बस आपरेटर एसोसिएशन के कन्वीनर बलतेज सिंह ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से अभी तक बसें बंद रखने का कोई फैसला घोषित नहीं किया गया है। हालांकि मौके की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर बसों का संचालन रोका जा सकता है। दूसरी तरफ स्कूलों को लेकर भी फिलहाल कोई आधिकारिक बंद का आदेश नहीं आया है। जिला शिक्षा अधिकारी ममता खुराना सेठी ने बताया कि सरकार की ओर से अभी तक स्कूल बंद करने संबंधी कोई संदेश नहीं मिला है।

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