संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक भारत के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर डीसी कार्यालय फिरोजपुर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इसके बाद किसान नेताओं ने संबंधित अधिकारी को मांग पत्र सौंपा। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा विदेशी देशों के साथ किए जा रहे समझौतों का विरोध करते हुए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के उचित दाम देने की मांग की। उन्होंने फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, बिजली संशोधन बिल वापस लेने और किसानों व मजदूरों के कर्ज पूरी तरह माफ करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा पंजाब सरकार की प्रस्तावित लैंड पूलिंग स्कीम को रद्द करने की मांग की गई। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र और पंजाब सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करतीं, तब तक संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक भारत का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में बीकेयू मानसा की प्रदेश अध्यक्ष बीबी परमजीत कौर, शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन के नेताओं सहित किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, भारतीय किसान यूनियन एकता मझैल और अन्य किसान संगठनों के बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।