फिरोजपुर रेल डिवीजन के कर्मचारियों की तमाम मकान की समस्याएं हैं। जिन मकानों में रेल कर्मचारी रह रहे हैं उनकी हालत बहुत ही खस्ता है। संबंधित विभाग की तरफ से ना तो उनके मकानों की मरम्मत करवाई जा रही है और ना ही उन्हें कोई अच्छा मकान मुहैया कराया जा रहा है। इस संबंधी रेल अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्या सुनने वास्ते एक कैंप आयोजित किया लेकिन कैंप में भी कर्मचारी की समस्या का हल होता नजर नहीं आया। कई रेल कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें 2 साल से मकान मुहैया नहीं कराया जा रहा है। जिस कारण उन्हें प्राइवेट इलाकों में किराए का महंगा मकान लेकर रहना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों का यह कहना है कि उनके मकान टूटे हुए हैं पिछले 2 साल से शिकायत करते आ रहे हैं अभी तक कोई हल नहीं निकला है। यूनियन भी उनकी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका रेल यूनियन से भी विश्वास खत्म हो चुका है।