पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की प्रदेश इकाई के आह्वान पर वीरवार को लगातार दूसरे दिन भी फरीदकोट के मिनी सचिवालय में मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल जारी रखी। हड़ताल के चलते सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप रहा और विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की बहाली सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने 7 अगस्त (शुक्रवार) को चंडीगढ़ में सामूहिक अवकाश लेकर महारैली करने का ऐलान किया है। इस रैली में फरीदकोट जिले से भी सैकड़ों कर्मचारी भाग लेने के लिए रवाना होंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन के नेता गुरनाम सिंह विर्क ने बताया कि मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय जब कर्मचारी धरना-प्रदर्शन करते थे, तब आम आदमी पार्टी के नेता, जो आज मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री जैसे अहम पदों पर हैं, कर्मचारियों के धरनों में शामिल होकर उनकी मांगों का समर्थन करते थे। मगर सत्ता में आने के बाद उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने प्रदेश कमेटी के आह्वान पर 5 और 6 अगस्त को कलम छोड़ हड़ताल की, जबकि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी। गुरनाम सिंह विर्क ने कर्मचारियों की मांगों के प्रति सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।