फिरोजपुर में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों और आशा वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। कर्मचारियों ने कहा कि उनका संघर्ष पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार जारी है। एनएचएम नेता बागीच सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि ‘बराबर काम, बराबर वेतन’ का सिद्धांत लागू किया जाए। इसके अलावा लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस देने की मांग भी की गई। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान राजवंत कौर ने कहा कि आशा वर्करों को कम से कम 26 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए तथा काटे गए भत्ते बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नरेंद्र सिंह और डॉ. प्रीत मखीजा ने कहा कि कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर लंबे समय से उचित ध्यान नहीं दिया गया। प्रदर्शन में डॉ. नीतिका, डॉ. शिवलक्षना, राजविंदर कौर, नेहा, बलदेव सिंह, परमिंदर कौर, हरजिंदर सिंह, हरबंस लाल, रिंकू कंबोज, डॉ. ललित, पूजा, संगीता, अज्जे और सुखदेव सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। पैरामेडिकल यूनियन के नेता नरेंद्र शर्मा, राम प्रसाद, करनजीत तथा आशा वर्करों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।