गुरुहरसहाय के गांव चक्क छांगा राय हिठाड़ निवासी संदीप सिंह ने थाना गुरुहरसहाय में शिकायत देकर पीएचसी सेंटर गुरुहरसहाय के नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि उसकी पत्नी गोगा रानी नौ माह की गर्भवती थी और जलालाबाद के सरकारी अस्पताल में जांच के दौरान मां और बच्चा स्वस्थ बताए गए थे। संदीप ने आरोप लगाया कि इसके बाद आशा वर्कर उसकी पत्नी को एंबुलेंस से फरीदकोट ले जाने की बात कहकर पहले पीएचसी गुरुहरसहाय ले गई। वहां उसकी पत्नी को जच्चा-बच्चा विभाग में भर्ती कर लिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे बताया गया कि सीनियर डॉक्टर बुला लिए गए हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। उसने बताया कि रविवार रात करीब आठ बजे आशा वर्कर ने आकर बताया कि लड़का हुआ है, लेकिन वह रो नहीं रहा। इसके बाद डॉक्टर बच्चे को बांसल अस्पताल ले गए और हालत गंभीर होने पर फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां नवजात को मृत घोषित कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने पहले बड़े ऑपरेशन की बात कही थी, लेकिन पीएचसी स्टाफ ने सामान्य प्रसव कराने केथं प्रयास में लापरवाही बरती, जिससे बच्चे की मौत हुई। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। उधर, आशा वर्कर बलजीत कौर ने कहा कि मेरा काम मरीज को सरकारी अस्पताल ले जाना है, जो मैं ले गई। बाकी काम अस्पताल के स्टाफ और डाक्टरों का है। दूसरी तरफ, एसएमओ डॉ कर्णवीर कौर का कहना है कि उक्त मामले की फाइल उन्होंने देखी थी। महिला का ये तीसरा बच्चा था। दो बच्चे पहले नोर्मल डिलीवरी से हुए थे। उन्होंने कहा कि जिस स्टाफ ने डिलीवरी की है, उसे कल बुलाकर पूछताछ की जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।